खुद से हार्ट रेट कैसे चेक करें?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 13:33

घर पर हार्ट रेट कैसे चेक करें?

हार्ट के बीट करने से नब्‍ज में प्रेशर बनता है ज‍िससे वो फड़कती है। इसे ग‍िनकर या नब्‍ज को छूकर पता लगाया जा सकता है। पल्‍स रेट को हार्ट रेट भी कहते हैं ज‍िसका मतलब है एक म‍िनट में हार्ट क‍ितनी बार धड़कता है। हार्ट रेट को चेक करके आप अपनी हेल्‍थ पर नजर रख सकते हैं। इस लेख में हम हार्ट रेट नापने का सही तरीका जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के पल्‍स हॉर्ट सेंटर के कॉर्ड‍ियोलॉज‍िस्‍ट डॉ अभ‍िषेक शुक्‍ला से बात की।
हार्ट रेट कैसे चेक करें?

हार्ट रेट चेक करने के ल‍िए आपको डॉक्‍टर के पास जाना चाह‍िए वो आपको सही हार्ट रेट के बारे में बता सकते हैं पर घर पर भी आप हार्ट रेट चेक कर सकते हैं और इसके ल‍िए आपको मशीन की भी जरूरत नहीं है, जानते हैं हार्ट रेट नापने का सही तरीका-

हार्ट रेट चेक करने के ल‍िए आप अपनी एक कलाई पर दूसरी कलाई की इंडेक्‍स फ‍िंंगर और म‍िडल फ‍िंगर रखें और उसे प्रेस करें।
आप गर्दन पर भी दोनों उंगली रखकर हार्ट रेट चेक कर सकते हैं।
आपको 15 सेकेंड तक हार्ट बीच काउंट करनी है और उसे 4 से मल्‍टीप्‍लाई करना है और आपको अपना हार्ट रेट म‍िल जाएगा।
सही रीड‍िंग के ल‍िए आपको इसे एक से ज्‍यादा बार र‍िपीट कर सकते हैं।
आपको हार्ट रेट, एक्‍सरसाइज के 1 या 2 घंटे के अंदर चेक करने से बचना चाह‍िए।
आपको हार्ट रेट को कैफीन कंज्‍यूम करने के एक घंटे बाद नापना चाह‍िए क्‍योंक‍ि कैफीन का सेवन करने से हार्ट रेट बढ़ता है और हार्ट पल्‍प‍िटेशन की समस्‍या होती है।

हार्ट रेट मॉन‍िटर की मदद भी ले सकते हैं

आप हार्ट रेट मॉन‍िटर के जरिए हार्ट रेट चेक कर सकते हैं। आप वायरलेस सेंसर को अपने चेस्‍ट पर लगाकर हार्ट रेट चेक कर सकते हैं। कई स्‍मार्टफोन एप्‍स के जर‍िए हार्ट रेट चेक क‍िया जाता है। वहीं कई ट्रेडम‍िल या अन्‍य एक्‍सरसाइज मशीन पर भी हार्ट रेट मॉन‍िटर मौजूद होता है। आपके शरीर से न‍िकलने वाले पसीने के जर‍िए हार्टबीट के इलेक्‍ट्र‍िक स‍िगनल म‍िल जाते हैं और हार्ट रेट मॉन‍िटर क‍िया जा सकता है पर एक्‍सपर्ट इस तरीके को सही नहीं मानते इसल‍िए आपको हार्ट का सही रेट डॉक्‍टर के पास जाकर ही चेक करवाना चाह‍िए।
नॉर्मल हार्ट रेट क‍ितना होता है?

नॉर्मल हार्ट रेट की बात करें तो एक हेल्‍दी एडल्‍ट में हर म‍िनट 60 से 100 बार हार्ट बीट करता है। हार्ट रेट 60 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट से कम है तो उसे स्‍लो हार्ट रेट माना जाता है और अगर हार्ट रेट 100 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट है तो उसे फास्‍ट हार्ट बीट माना जाता है। आइड‍ियल हार्ट बीट की बात करें तो वो 50 से 70 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट हो सकता है। अगर हार्ट रेट इससे कम है तो आपको हार्ट ड‍िसीज, इंफेक्‍शन, ब्‍लड में ज्‍यादा पोटैश‍ियम या अंडरएक्‍ट‍िव थायराइड के लक्षण हो सकते हैं। वहीं अगर हार्ट रेट तेज है तो उसका कारण प्रेगनेंसी, हार्ट प्रॉब्‍लम, बुखार आद‍ि हो सकता है।

अगर आपकी उम्र 10 साल या अध‍िक है तो आपका हार्ट रेट 60 से 100 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट होना चाह‍िए।
7 से 9 साल की उम्र के बच्‍चे के शरीर में हार्ट रेट 70 से 110 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट होनी चाह‍िए।
5 से 6 साल की उम्र में हार्ट रेट 75 से 115 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट होनी चाह‍िए।
1 से 2 साल के बीच हार्ट रेट 80 से 130 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट होनी चाह‍िए।
1 से 11 महीनों के बीच हार्ट रेट 80 से 160 प्रत‍ि म‍िनट होनी चाह‍िए।
एक महीने तक हार्ट रेट 70 से 190 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट होती हैं।

हार्ट रेट चेक करने के ल‍िए हमेशा डॉक्‍टर की मदद लें, वैसे आप हार्ट रेट मॉन‍िटर मशीन या गले, कलाई की नब्‍ज, पंजे के ऊपरी साइड, कोहनी के अंदर के तरफ से हार्ट रेट चेक क‍िया जा सकता है।

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